Posts
निरंतर लिखो, आलोचकों की परवाह मत करो -बैरागी
- Get link
- X
- Other Apps
जमनेश नागौरी रचित 'पीड़ा की पगडंडी' मुक्तक संकलन का विमोचन नीमच| कविता जहां लोरी से बच्चों को सुलाती है, वहीं कविता जागरण भी करती है। निरंतर लिखने से कब सरस्वती विराजमान हो जाए कहा नहीं जा सकता। कविता भाषा, वाणी और दर्शन से सार्थक होती है। नीमच जिला देशभर में साहित्य के नाम से भी जाना जाता है। निरंतर लिखो, आलोचकों की परवाह मत करो। संसार में आलोचकों के स्मारक नहीं होते। यह बात साहित्यकार बालकवि बैरागी ने कही। वे आनंद मंगल भवन में जमनेश नागौरी रचित 'पीड़ा की पगडंडी' मुक्तक संकलन के विमोचन समारोह में बोल रहे थे। सीआरपीएफ डीआईजी बीएस चौहान ने कहा पुस्तक 40 वर्षों की साहित्य साधना का निचोड़ है। गजलकार प्रमोद रामावत ने कहा नवोदित कलमकारों को पढऩे-लिखने के लिए प्रोत्साहन देने हम सदा तत्पर हैं। मंचों पर कविता के नाम पर फूहड़पन बढ़ता जा रहा है। कवि जमनेश नागोरी ने कहा पीड़ा की पगडंडी के लिए मैं चार दशकों तक अपनी बगिया को सींचता रहा हूं। मेरे काव्य उपवन का यह प्रथम प्रसून है। सिंगोली नपं के पूर्व अध्यक्ष घीसालाल पटवा ने कहा सामाजिक क्षेत्र के बाद साहित्य में आना चुनौतीपूर्ण...
हमारा रतलाम ब्लॉग पंकज व्यास का नहीं
- Get link
- X
- Other Apps
काफी दिनों के बाद चिट्ठाजगत में सक्रिय होने जा रहा हूँ. समय की कमी रही. मन-मानस के लियें इस दूरी का भी एक अलग अनुभव रहा. इस दौरान समाज में, विशेषकर रतलाम में, किन्ही कारणों से यह सन्देश गया- हमारा रतलाम ब्लॉग पंकज व्यास का है. इस पोस्ट के माध्यम से मै सबको सूचित कर देना चाहता हूँ- हमारा रतलाम ब्लॉग मेरा याने, पंकज व्यास का नहीं है. हमारा रतलाम ब्लॉग पर प्रकाशित किसी भी लेख व सामग्री से प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से मेरा कोई सम्बन्ध नहीं है, न रहा है और न रहेगा, क्योंकि मै छद्म नाम से, गुमनाम नाम से या बे नाम से कोई ब्लॉग नहीं लिखता हूँ. ....आपका पंकज व्यास, रतलाम
प्रसंगवश: विवेकानंद जयंती और सूर्य नमस्कार 12 जनवरी, ऊर्जावान, विवेकवान युवा भारत के लिए आओ करें सूर्य नमस्कार
- Get link
- X
- Other Apps
-पंकज व्यास, रतलाम 12 जनवरी को विवेकानंद जयंती मनाई जाती है। स्वामी विवेकानंद को कौन नहीं जानता? उनके बारे में, उनके व्यक्ति के बारे में हर भारतीय भलीभांति परिचित होगा। सब जानते हैं कि किस तरह स्वामी विवेकानंद ने अपने विवेक से, अपनी मेधा से पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का परचम फहराया। भारत से लेकर शिकांगो सम्मेलन तक स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति की अक्षुण्य पताका फहराई है। भारतीय संस्कृति, ज्ञान विज्ञान के आकाश में सूर्य की भांति दैदिप्यमान है विवेकानंद।
अब नहीं होती बाल सभाएं, केवल एक दिन चाचा नेहरू आते हैं याद
- Get link
- X
- Other Apps
पंकज व्यास, रतलाम आप अपने बचपन को याद कीजिए। बचपन में चले जाईए। स्कूल के वो दिन याद करें, जब हर शनिवार को आधी छुट्टी के बाद बाल सभा होती, बाल सभा की तैयारी जोरों से की जाती। याद करें वो नजारा, जब मास्टर जी नाम पुकारते और कविता, कहानी, चुटकुले आदि पढऩे के लिए बाल सभा में बकायदा बुलाते। याद करें उस लम्हे को जब मास्टरजी उन दोस्तों को जबरन बाल सभा में खड़ा कर बुलवाते, कुछ भी कहने के लिए प्रेरित करते... .
मुस्लिम कब्रिस्तान में प्रार्थना सभा भवन एवं कमरा निर्माण कार्य का भूमि पूजन, पंडित ने किए मंत्रोच्चार, शहर काजी ने पढ़ी फातेहा
- Get link
- X
- Other Apps
बदनावर. नगर पंचायत बदनावर द्वारा जनभागीदारी से स्थानीय मुस्लिम कब्रिस्तान में लगभग 8.00 लाख की राशि से निर्मित होने वाले प्रार्थना सभा भवन एवं कमरा निर्माण कार्य का भूमि-पूजन संपन्न किया गया। भूमि-पूजन भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष प्रजेन्द्र भट्टï, शहर काजी सलीमउल्ला एवं आलीम अख्तरअली के द्वारा किया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमचन्द परमार, मंडी बोर्ड डायरेक्टर राजेश अग्रवाल, भूमि विकास बैंक अध्यक्ष महेन्द्र सिंह शक्तावत, जिला भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष मोहन सिंह चौहान, एल्डरमेन रमेश चन्द्र यादव व राजेन्द्र सराफ, पार्षद श्रीमत जिनत बाबा, प्रकाश नागरू, जहांगीर मन्सूरी, पंकज ठाकूर, लियाकरत अली, यासीन अली, शरीफ उस्ताद, मुजफ्फर उस्ताद, साजिल अली, शहजाद काला, ईकबाल कुरैशी, शेदू चाचा, पप्पू कुरैशी एवं क्षेत्र के सैंकड़ों नागरिक उपस्थित थे। अतिथियों का स्वागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने किया। कार्यक्रम में पंडित द्वारा मंत्रोच्चार किया गया एवं शहरकाजी एवं आलीम सा द्वारा फातेहा पड़ी गई, जो सद्भाव एवं भाईचारे की मिसाल बनी। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन ...
help me
- Get link
- X
- Other Apps
आप इस ब्लॉग पर टिपण्णी देने के लियें क्लिक करें, आप टिपण्णी नहीं दे पाएंगे. मेरे ब्लॉग आप-हम में कहीं कोई मिस्टेक आ गई है. इस कारन से टिपण्णी कोई दे नहीं पा रहा है.अगर किसी के पास इसका समाधान हो तो बताएं आभारी रहूँगा.... कृपया, समस्या का समाधान इस ब्लॉग पर बताएं... http://pankajvyasratlam.blogspot.com धन्यवाद्
यह तो होना ही था: एस.सी. कटारिया
- Get link
- X
- Other Apps
बोफोर्स घोटाले की दशकां से चली आ रही पेचीदा और रहस्यमय कार्रवाई ने अंत में जाकर दम तोड़ दिया। आखिर में वही हुआ, जिसकी संभावना थी, फाईल बंद हो गई। इस प्रकरण के प्रमुख कथित आरोप क्वात्रोची पर कानून व नियम का शिकांजा राजनीति के रसूखदार लोगों के जुड़े रिश्तों के तारों के सामने ढीला पड़ गया। पूरे मामले में पहलेही राजतंत्र की मंशा स्पष्टï थी। फिर भी यदि कोई गंभीर मामला इतना लंबा खिंचता है, तो उसका ऐसा ही हश्र होता है। आज औसजन तो गंगागाराम है, जिसके यह समझ में नहीं आ रहा है कि इस पूरे अध्ययाय में इटली का यह नटवर लाल जीता या भारत का शासनतंत्र हारा। खैर, विपक्ष को एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर बहस से वंचित होना पड़ रहा है। >>एस.सी. ·टारिया, रतलाम
अब सुरभि ज्ञान स्पर्धा का आयोजन 31 अक्टूबर एवं 1 नवंबर को
- Get link
- X
- Other Apps
वैलेंटाइन्स डे आने को है
- Get link
- X
- Other Apps
>>पंकज व्यास, ratlam फिजा में प्यार का रस घुलने लगा है, दिल धड़कने लगे हैं, हवा प्यार की बहने लगी है। सर्द रात आने को है , मौसम बता रहा है, वैलेंटाइन्स डे आने को है। दिल की बात हलक पर आई गई है, लब पर आने को आतुर है, अब प्यार की बारी आई है, कोई विरोध को, तो कोई प्यार को बेकरार है। बस वेलेन्टाइन्स डे आने को है। मन मचल रहे हंै, दिल धड़क रहे हैं, बदरी प्यार की छाने को है, तराने प्यार के गाने को है याद सता रही, उनकी बैचेनी बता रही अब वेलेन्टाईन डे आने को है।
आप इंसान के रूप में देवता है, इस बार लोकसभा के चुनाव में आपके दल की सरकार बनने के आसार दिखें : विधायक पारस सकलेचा दादा
- Get link
- X
- Other Apps
आप इंसान के रूप में देवता है इस बार लोकसभा के चुनाव में आपके दल की सरकार बनने के आसार दिखें विधायक पारस सकलेचा दादा ने खेल चेतना मेला में कहा रतलाम। राष्टï्रीय और अंतरराष्टï्रीय स्तर पर खिलाड़ी तैयार ·रना जितनी बड़ी बात नहीं है, उससे बड़ी उपलब्धि चेतन्य ·ाश्यप ने हासिल ·ी है, क्यों·ि उन्होंने खेलों ·े माध्यम से अभिभाव· ओर बच्चों ·े बीच संवाद पैदा ·िया है। यह जितनी बड़ी उपलब्धि है, उसे आप·े सिवाय ·ोई संत प्राप्त नहीं ·र स·ता है। आप धन्य है, खेलों ·े प्रति चेतना जाग्रत ·रने वाले आप इंसान ·े रूप में देवता है। मेरी इन्हीं शुभ·ामनाओं ·े साथ खेल चेतना मेला निरंतर जारी रहे। यह विचार चेतन्य ·ाश्यप फाउण्डेशन द्वारा शहर में आयोजित चार दिवसीय 11 वेें खेल चेतना मेला 2009 ·े समापन एवं पुरस्·ार वितरण समारोह मेें मुख्य अतिथि विधाय· एवं खेल चेतना मेला संरक्ष· पारस स·लेचा ने व्यक्त ·िए। इस अवसर पर विशिष्टï मेहमान अंतरराष्टï्रीय ·्रि·ेटर अमय खुरासिया थे। फाण्उण्डेशन अध्यक्ष चेतन्य ·ाश्यप ने अध्यक्षता ·ी। रेलवे उ.मा.वि. ने लगातार 11 वें वर्ष में सर्वश्रेष्ठï विद्यालय ·ा पुरस्·ार जीत·र इतिहास रचा। नेहरू ...
हेप्पी न्यू इयर 2009
- Get link
- X
- Other Apps
समय की कुछ कमी है, वरना सबको अच्छे से नए साल की बधाई देता। फिलहाल, नववर्ष 2009 की सच्चे से, सच्चे मन से बधाई। किसी औपचारिकता की जरूरत मैं नहीं मानता, इसलिए सीधे-सीधे नए साल की बधाई व शुभ कामनाएं। बाकी की शुभकामनाएं जो दिल से निकल रहीं हैं, शब्दों में व्यक्त फिलहाल नहीं कर पा रहा हूं, समय की कमी है, बाकी आप निश्चिंत रहे आप सबके लिए अच्छी ही कामनाएं हैं। सोचा तो था जो कविता मन में बन रहीं है, वो शब्दों से बयां कर दूंगा, लेकिन वक्त ने कुछ और के लिए मेरा समय ले रखा है। आप इन पंक्तियों से काम चलाएं कि आपके आंगन में खुशियों की बहार हो, सुख-समृद्घि का साथ हो, नए साल 2009 में शुभकामनाएं हैं हमारी, इतनी ऊंचाईयों मिले आपको, कि वक्त भी आपके साथ का मोहताज हो। हेप्पी न्यू इयर 2009 पंकज व्यास, रतलाम
हाथी के दांत खाने के अलग, दिखाने के अलग
- Get link
- X
- Other Apps
शबनम मौसी को विजय श्री दिलवाकर मतदाताओं ने यह संदेश भी दिया कि योग्य, निष्ठïावान, ईमानदार प्रत्याशी के अभाव में कहीं किन्नर एक अच्छा उम्मीदवार है। >> एस.सी. कटारिया, रतलाम योग्य व प्रतिभा संपन्न जनों द्वारा प्रजातांत्रिक चुनाव प्रणाली में हिस्सेदारी नहीं करने से भी लोकतंत्र की फजीहत हो रही हे। श्रीपाल नाइक तथा शबनम मौसी का विधानसभा का प्रत्याशी बनना आम जनता का हमारी वर्तमान चुनाव प्रणाली के विरोध का प्रतिकात्मक आक्रोश है। शबनम मौसी को विजय श्री दिलवाकर मतदाताओं ने यह संदेश भी दिया कि योग्य, निष्ठïावान, ईमानदार प्रत्याशी के अभाव में कहीं किन्नर एक अच्छा उम्मीदवार है। भारतीय लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण अध्याय चुनाव को धन व बाहुबल की राजनीति से विशेष खतरा है। चुनाव आयोग द्वारा इस पर अंकुश लगाने व विभिन्न कानूनों के माध्यम से चुनाव में व्याप्त विसंगतियों पर लाम खिंचने पर अभी हाल में हुए निर्वाचनों पर काफी फर्क पड़ा है और राजनीति की दशा-दिशा ही बदल गई। फिर भी अभी चुनावों में जिस तरह काले या सफेद धन का बेरहमी से व्यय हुआ वह चिंताजनक है। विभिन्न प्रत्याशियों ने चुनाव में किए गए खर्च ब्यौ...
पुनर्विवाह तक पति भी मुआवजे का हकदार
- Get link
- X
- Other Apps
नई दिल्ली। बदले हुए सामाजिक परिदृश्य में महिला और पुरुष दोनों को बराबर का दर्जा दिया जाता है। दिल्ली की एक अदालत ने निर्णय दिया है कि सड़क दुर्घटना में कामकाजी पत्नी की मौत के बाद उसका पति भी पुनर्विवाह तक मासिक मुआवजा पाने का हकदार होगा। एस. के. शर्मा की अध्यक्षता वाले मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के निर्णय के अनुसार पुरुष और महिला के लिए अलग-अलग कानून नहीं हो सकते हैं। किसी महिला के शिक्षित और स्वतंत्र रूप से कमाऊ होने या नहीं होने के मामले में विशेष कानून नहीं हो सकता। ऐसा नहीं कि वह हमेशा ही पुरुष पर निर्भर रहती है। अदालत ने ऐसा निर्णय दुर्घटना में अपनी पत्नी को खो चुके उस व्यक्ति की याचिका को खारिज करते हुए दिया, जिसमें उसने महिलाओं के पुनर्विवाह के बाद मासिक मुआवजे पर रोक के विपरीत उसे पुनर्विवाह के बाद भी मुआवजा दिए जाने की मांग की थी। साभार
...उन्होंने हाथ से लिख दी पुस्तिका
- Get link
- X
- Other Apps
16 दिसंबर 1979 को एक संस्था संवेदना-साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच अस्तिव में आई, जो अपनी स्थापना से लेकर अब तक सांस्कृतिक एवं सहित्यिकआयोजनों में तल्लीन है। उसनें कभी काव्य समारोह आयोजित किए, तो कभी प्रदर्शनियां लगाई, कभी सम्मान समारोह हुए तो कभी स्मारिकाएं निकालीं, और शुरूआत में तो ललक ऐसी थी कि हस्तलिखित स्मारिका शब्दशिल्प निकाल दी, जो आज दस्तावेज बन गई है। हाल ही में संवेदना-साहित्यिक एवं सांसकृतिक मंच ने अपना स्थापना दिवस मनाया। जब हमने उसके बारे में विस्तार से जाना तो ये बानगी सामने आई। >> पंकज व्यास, 16 दिसंबर 1979 को पी.एच.ई. के इंजीनियर मनोज शुक्ला के निवास पर कुछ कवि मित्रों ओमरंगशाही व सुरेश परमार के संयुक्त प्रयास से एक संस्था संवेदना, साहित्यिक, सांस्कृति मंच अस्तिव में आई। संस्था संवेदना की साहित्य के प्रति ललक ऐसी थी कि संस्था की प्रथम पुस्तिका 'शब्द शिल्प' निकाली, हाथ से लिख दी। रतलाम के इतिहास में निकाली गई यह पुस्तिका हाथ से लिखी होने के कारण आपने आप में एक दस्तावेज बन पड़ी है। इस हस्तलिखित प्रथम शब्द-शिल्प के संपादन मंडल में शामिल थे, खुद सुरेश परमार ...
रतलाम को पामणों, राजस्थान में जीतिग्यो
- Get link
- X
- Other Apps
>>ताराचंद आकोदिया, टोंक (राजस्थान) रतलाम ऐतिहासिक नगर है, जिसमें कई महान विभूतियों ने जन्म लेकर रतलाम का नाम रोशन किया है। महात्मा गांधी ने रतलाम को सर्वाधिक शांति-प्रिय नगर कहा था। रतलाम के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. (स्व.) राव देश के प्रथम राष्टï्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की चिकित्सा हेतु बुलाए जाते थे और डॉ. निशिकीकांत शर्मा अपनी उदार तथा समर्पित सेवा भावना हेतु प्रसिद्घ रहे। रतलाम की चार चीजें देश-विदेश में प्रसिद्घ हैं। वो हैं, रतलामी नमकीन सेव, तराजू, लच्छा और बालम ककड़ी। रतलाम सज्जन मिल्स स्कूल के शिक्षक कृष्णराव टाटके की अनुशासनप्रियता का डंका पूरे जिले में गुंजता था और प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में इनके छात्रों द्वारा प्रदर्शित पिरामीड पुरस्कृत होते थे। पुराने मध्यभारत में रतलाम के दो सिंह प्रेमसिंह, डॉ. देवी सिंह, जावरा के कैलाशनाथ काटजू, सैलाना के प्रभुदयाल गेहलोत तथा मध्यप्रदेश के गठन के बाद हिम्मत कोठारी इत्यादि प्रदेश के मंत्रीमंडल में रतलाम का प्रतिनिधित्व करते रहे। इसी तरह रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट में वर्तमान में कांग्रेसनीत संप्र...
सेवानिवृत्त शिक्षक को मिला बकाया समर्पित अवकाश बिल राशि का भुगतान
- Get link
- X
- Other Apps
'प्रसारण कीखबर का असर ताल, (निप्र)। विगत १४ दिसंबर के अंक में 'उप कोषालय का बाबू रिटायर्ड शिक्षक बैरागी को सता रहा हैÓ के शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशन करते हुए सेवानिवृत्त शिक्षक रामप्रसाद बैरागी ( शा. क. उ. मा. वि. ताल) जिनका ३१ मार्च को सेवानिवृत्त होने के उपरांत स्वत्वों का भुगतान शासन के आदेशानुसार नहीं होते हुए शा. क. उ. मा. वि. ताल के संबंधित बाबू द्वारा समर्पित अवकाश बिल को उप कोषालय शाखा आलोट में नहीं लगाने से अवगत कराया गया था। रामप्रसाद बैरागी ने 'प्रसारणÓ को जानकारी देते हुए बताया कि 'प्रसारणÓ में १४ दिसंबर को समाचार प्रकाशित होते ही तथा आपके द्वारा निरीक्षण दल प्रभारी को समस्या से अवगत कराए जाने के उपरांत समस्या की गंभीरता को देखते हुए तुरंत समर्पित अवकाश बिल उप कोषालय शाखा आलोट में लगते हुए संबंधित राशि का चेक आपको प्राप्त हो गया है। श्री बैरागी ने अपनी समस्या का समाधान होने पर 'प्रसारणÓ को साधुवाद दिया है।
विधायक निधि तो है ना ?
- Get link
- X
- Other Apps
पंकज व्यास कुछ समय से आऊट ऑफ स्टेशन था। रतलाम आया तो देखा कि लोगों में घोर निराशा है। अच्छे-अच्छे बुद्घिजीवियों तक का सोचना है कि रतलाम गड्डे में गिर गया। लोगों ने निर्दलीय को जिताकर गलती की, प्रदेश में भाजपा की सरकार है और रतलाम में निर्दलीय विधायक। कैसे बैठेगा तालमेल और कैसे होगा विकास। यही बात लोगों के मन में रहरह कर उठ रही है। ऐसे निराशा के माहौल में एक व्यक्ति से मेरी मुलाकात हुई। वह मुझसे बोला, अपना शहर तो गड्डï़े में गिर गया रे, समझो रतलाम का विकास रूक गया। मैंने पूछा- क्यों भई ऐसा क्या हो गया? उसने कहा इतना भी नहीं समझा, एमपी में बीजेपी की सरकार और अपने रतलाम में विधायक चुना गया निर्दलीय, अब तो समझो विकास का पहिया रूक गया...? मैंने उससे कहा, विधायक कोई भी हो उससे क्या फर्क पड़ता है, रतलाम का विकास कैसे रूक गया?, रतलाम गड्डे में कैसे? मेरी समझ में नहीं आ रहा है। उसने मेरी बुद्घि पर तरस खाया और समझाने लगा, भई कलमकार तुझको समझ क्यों नहीं आताï? प्रदेश में भाजपा की सरकार है और अपने पारस दादा निर्दलीय है, क्या वे विकास करा पाएंगे? मैं बोला, क्यों नहीं करा पाएंगे। वे पड़े लिखे हैं,...