वैलेंटाइन्स डे आने को है

>>पंकज व्यास, ratlam
फिजा में प्यार का रस घुलने लगा है,
दिल धड़कने लगे हैं, हवा प्यार की बहने लगी है।
सर्द रात आने को है , मौसम बता रहा है,
वैलेंटाइन्स डे आने को है।

दिल की बात हलक पर आई गई है,
लब पर आने को आतुर है, अब प्यार की बारी आई है,
कोई विरोध को, तो कोई प्यार को बेकरार है।
बस वेलेन्टाइन्स डे आने को है।

मन मचल रहे हंै, दिल धड़क रहे हैं,
बदरी प्यार की छाने को है, तराने प्यार के गाने को है
याद सता रही, उनकी बैचेनी बता रही
अब वेलेन्टाईन डे आने को है।

Comments

आप कुकुर मुत्ते कैसे हो गए भई, मेरे माली के चमन में उगते हैं गुलाब ; तो आप कुकुरमुत्ते हरगिज नहीं हैं |'मेरे माली के चमन में उगते हैं गुलाब ' एक कविता लिखी है , किसी दिन ब्लॉग पर प्रकाशित करूंगी ||
यह वेब साइट भी आपकी
www.jaagtashahar.com
Anonymous said…
This comment has been removed by a blog administrator.
हां, हवाएं कानों में गुनगुनाने लगी हैं, दिन में कुछ-कुछ होने लगा है। लगता है सचमुच में
वेलेण्‍टाइन डे आने वाला है।

Popular posts from this blog

अब नहीं होती बाल सभाएं, केवल एक दिन चाचा नेहरू आते हैं याद

प्रसंगवश: विवेकानंद जयंती और सूर्य नमस्कार 12 जनवरी, ऊर्जावान, विवेकवान युवा भारत के लिए आओ करें सूर्य नमस्कार

निरंतर लिखो, आलोचकों की परवाह मत करो -बैरागी