दोस्ती - पुनम कुशवाह

गम के मौसम में खुशियों का झोंका देकर जाए जो
जिंदगी में सबसे प्यारी होती है वो दोस्ती
प्रकृति ने जिसे हमें उपहार के रूप में देय है,
खुदा की देन होती है वो दोस्ती
जिसके रहने से जीवन का हर पल खुशियों से भर जाता है
खुशियों के खजाने का हीरा है वो दोस्ती
जिसे मन की बात करने से बडे से बडा दर्द काम हो जाता है
मन का दर्द काम करने की दवा है वो दोस्ती
दोस्त न होते जीवन में तो मुस्कराहट न होती चेहरे पर
इस जिन्दगी में खुशियों का कारवा है वो दोस्ती
मिल जाती है अपने आप सच्ची दोस्ती
मिल न सके वो नदियाँ का किनारा नहीं है दोस्ती।

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