आप-हम समाज व साहित्य के लिये क्या कर सकतें है

नमस्कारआप-हम समाज का ही एक हिस्सा हैहम समाज से बाहर अपने आप को नही रख सकते हैआपसमाज के बारें में काफी सोचते हैअब आप समाज के लिये क्या कर सकते है हमें बताएं । 09754257961. आपऔर हम कुछ करें
आप-हम, .... कभी ख़ुशी, कभी गम
पंकज व्यास

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निरंतर लिखो, आलोचकों की परवाह मत करो -बैरागी