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हाथी के दांत खाने के अलग, दिखाने के अलग

शबनम मौसी को विजय श्री दिलवाकर मतदाताओं ने यह संदेश भी दिया कि योग्य, निष्ठïावान, ईमानदार प्रत्याशी के अभाव में कहीं किन्नर एक अच्छा उम्मीदवार है। >> एस.सी. कटारिया, रतलाम योग्य व प्रतिभा संपन्न जनों द्वारा प्रजातांत्रिक चुनाव प्रणाली में हिस्सेदारी नहीं करने से भी लोकतंत्र की फजीहत हो रही हे। श्रीपाल नाइक तथा शबनम मौसी का विधानसभा का प्रत्याशी बनना आम जनता का हमारी वर्तमान चुनाव प्रणाली के विरोध का प्रतिकात्मक आक्रोश है। शबनम मौसी को विजय श्री दिलवाकर मतदाताओं ने यह संदेश भी दिया कि योग्य, निष्ठïावान, ईमानदार प्रत्याशी के अभाव में कहीं किन्नर एक अच्छा उम्मीदवार है। भारतीय लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण अध्याय चुनाव को धन व बाहुबल की राजनीति से विशेष खतरा है। चुनाव आयोग द्वारा इस पर अंकुश लगाने व विभिन्न कानूनों के माध्यम से चुनाव में व्याप्त विसंगतियों पर लाम खिंचने पर अभी हाल में हुए निर्वाचनों पर काफी फर्क पड़ा है और राजनीति की दशा-दिशा ही बदल गई। फिर भी अभी चुनावों में जिस तरह काले या सफेद धन का बेरहमी से व्यय हुआ वह चिंताजनक है। विभिन्न प्रत्याशियों ने चुनाव में किए गए खर्च ब्यौ...

रतलाम को पामणों, राजस्थान में जीतिग्यो

>>ताराचंद आकोदिया, टोंक (राजस्थान) रतलाम ऐतिहासिक नगर है, जिसमें कई महान विभूतियों ने जन्म लेकर रतलाम का नाम रोशन किया है। महात्मा गांधी ने रतलाम को सर्वाधिक शांति-प्रिय नगर कहा था। रतलाम के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. (स्व.) राव देश के प्रथम राष्टï्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की चिकित्सा हेतु बुलाए जाते थे और डॉ. निशिकीकांत शर्मा अपनी उदार तथा समर्पित सेवा भावना हेतु प्रसिद्घ रहे। रतलाम की चार चीजें देश-विदेश में प्रसिद्घ हैं। वो हैं, रतलामी नमकीन सेव, तराजू, लच्छा और बालम ककड़ी। रतलाम सज्जन मिल्स स्कूल के शिक्षक कृष्णराव टाटके की अनुशासनप्रियता का डंका पूरे जिले में गुंजता था और प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड में इनके छात्रों द्वारा प्रदर्शित पिरामीड पुरस्कृत होते थे। पुराने मध्यभारत में रतलाम के दो सिंह प्रेमसिंह, डॉ. देवी सिंह, जावरा के कैलाशनाथ काटजू, सैलाना के प्रभुदयाल गेहलोत तथा मध्यप्रदेश के गठन के बाद हिम्मत कोठारी इत्यादि प्रदेश के मंत्रीमंडल में रतलाम का प्रतिनिधित्व करते रहे। इसी तरह रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट में वर्तमान में कांग्रेसनीत संप्र...

इस्तीफा देने से समस्या का समाधान होगा? कठोर निर्णय लेना होगा

वाहिद पठान खान, ताल आतंकवादियों द्वारा निरंतर हमारे देश के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों नगरों, महानगरों, संसद भवन, धार्मिक स्थलों इत्यादि स्थानों पर थोड़े-थोड़े समय के अंतराल में चंद मु_ïीभर आतंकी आते हैं और हमारी सारी सुरक्षा व्यवस्था, खुफिया एजेंसियों को धता बताते हुए सैंकड़ों बेगुनाह निर्दोष लोगों का नरसंहार कर अपने नापाक मंसुबों को पूरा करने पर तुले रहते हैं। घटना घटित कर चले जाते हैं। इस बार आतंकियों ने भारतवर्ष की आर्थिक क्षेत्र की मुंबई महानगरी की विशाल ईमारतों में आतंक का नंगा नाच एवं खुले रूप से मौत का तांडव दिखा कर सारी सीमाएं लांघ दी हैं। सैकड़ों लोगों को मौत की गहरी नींद सुला दिया। कईं लोगों को अपाहित बना दिया, तो कई महिलाओं को विधवा बना दिया। साथ ही हमारे देश ने अपने जाबाज अफसरों, जवानों की शहादत से होटल में बंधक बनाकर रखे भारतीयों, विदेशियों को छुड़ाने में अपनी जान की कीमत चुकाई। हर भारतीय देश के विरों पर गौरव होने के साथ उन्हें श्रृद्घांजलि अर्पित कर रहा है, परंतु इस देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि ऐसी विकट परिस्थितियों में भी हमारे राजनैतिक दल या तो अपनी-अपनी राजनीतिक रोट...