रतलाम की चुनावी चकल्लस:देखते रहिए कौन किस पर भारी है

पंकज व्यास, रतलाम
रतलाम। लोकल चुनाव के लिए बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस-बीजेपी के साथ अन्य पार्टियों ने भी अपने दाव लगा दिए हैं। निर्दलीय ताल ठोकर कर मैदान में हैं। पार्षद से लेकर महापौर पद के प्रत्याशी अपनी अपनी चालें चल रहे हैं, लेकिन इस राजनीतिक बिसात में शह और मात की चाल तो जनता  ही चलेगी।



राकेश झालानी...राकेश झालानी...
कांग्रेस में महापौर पद के दावेदार रहे और वर्तमान में निर्दलयी प्रत्याशी राकेश झालानी अपनी झांकी जमाने में जुटे हैं। जनता को उनकी झांकी जंचे इसके लिए बडिय़ा-बडिय़ा जतन कर रहे हैं। एक तरफ सुंदर सेना का प्रकल्प चलाया है, तो दूसरी तरफ चुनावी गीत गाए जा रहे हैं, जो जनता को सीधे-सीधे जंच रहे हैं, तो मनोरंजन भी कर रहे हैं। कुछ बोल देखिए- वातां करे बड़ी-बड़ी ने, लाईटा जावें घड़ी-घड़ी..., मंत्री घूमे लाल बत्ती में, ने जनता बैठे मोमबत्ती में....बढिय़ा है जी, लगे रहिए, ढूंढ के लाए हैं। छांट-छांट कर लोगों के दिमाग पर दे रहे हैं...

श्रेय तो दादा को ही जाता है
इस चुनाव में भी मार्केट में हाथ गाड़ी के द्वारा, साईकिल पर होर्डिंग लगाकर  प्रचार किया जा रहा है। सब अपने-अपने तरिके से लोगों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं। इस हाथगाड़ी के द्वारा प्रचलन का श्रेय तो पारस दादा को ही जाता है। विधानसभा चुनाव में दादा को इसका अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, अब यह  प्रचार का तरिका सबको भा गया है। अच्छा है, कम खर्चें में बढिय़ा प्रचार हो जाता है। सस्ता, सुंदर..., सॉर्ट एंड स्वीट...

ये तो एक जाजम पर आ गए
बीजेपी में सब एक जाजम आने को तैयार हैं। क्या महापौर गुट, क्या कोठारी गुट। मामा (कन्हैयाला मौर्य) ने भाजपा प्रत्याशी शैलेन्द्र डागा को समर्थन दे दिया। क्या मामू..., आपने तो विपक्षियों की एकता संदेश दे दिया... अब का बोलें...?

मिलकर लडऩा, पर आपस में मत...
बीजेपी वालों ने एकता दिखाई तो अब कांग्रेस बागी उम्मीदवारा एक होने के लिए प्लान बना रहे हैं। एक साथ लडऩे का प्लान बना रहे हैं। यहां दिखेगी अनेकता में एकता और अनेकता में एकता तो हमारी विशेषता है। इसी खासियत को कांग्रेस के बागी उम्मीदवार अपना रहे हैं...चलो इस बहाने ही मन मिलेंगे, हम तो यहीं कहेंगे कि मिल के लडऩा, पर आपस में मत... देखो कांग्रेस वालों देखों यहां क्या हो रहा है...

...तो देश भी बढ़ जाएगा आगे और खुद भी
वार्ड नं. 48 से भाजपा की ओर से प्रत्याशी है दुर्गाशंकर खिची। पहले उनकी पत्नी श्रीमती लता खिची पार्षद रह चुकीं हैं। अब श्री खिची मैदान में हैं। पत्नी की पार्षदी के वक्त इन्होंने (डी.एस. खिची) ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। जनता से सीधे जुड़े रहे। पत्नी का साथ देने का मिला  गिफ्ट, इस बार खुद को मिल गया पार्टि की ओर से पक्का टिकिट... 'देश को आगे बढ़ाओÓ इनका तकिया कलाम है। हमने देखा है कि कैसे पार्टी व पार्टी के बाहर दोनों लाड़ा-लाड़ी ने सामंजस्य बिठाया..., गुटों से दूर गुट निरपेक्ष बने रहे...हम तो यही कहेंगे कि सबको साथ लेकर, सामंजस्य बिठाकर आगे बढ़ते रहेंगे, तो देश भी आगे बढ़ जाएगा और खुद भी। आखिर, रतलाम को ऐसे ही नेता की जरूरत है, जो सामंजस्य बिठाकर जनता के लिए काम कर सके। लगे रहो राजू भाई...

मजाक-मजाक में मंगलमुखी बन सकता है चुनाव...               
महापौर पद के प्रत्याशी मंगल अपनी कद काठी के कारण लोगों में चर्चा में हैं। उनका छोटा कद और मुस्कराता चेहरा सबको लूभा रहा है। लोग उनकी ओर मजाक मजाक में जा रहे हैं... भैया, मजाक-मजाक में ही मंगल के लिए यह चुनाव मंगल मय हो सकता है। हम तो यही कहते हैं कि मजाक-मजाक में चुनाव मुंगलमुखी बन जाए, तो...

और अंत में...
चुनाव प्रचार के लिए एक से एक तरिके अपनाए जा रहे हैं। एक गाड़ी निकले कि दूसरी गाड़ी आ रही है। इस सर्द मौसम में जनता को चुनावी चर्चाएं खासी गरमाहट दे रही है  सुबह से शाम तक, होटल से लेकर पान की दुकान तक, हेयरसेलुन वाले से लेकर टेम्पों तक में चुनावी चकल्लस जारी है...नेतागिरी की आई बारी है, किसी को पार्टी की तो को निर्दलीय की सवारी है, सबकी अपनी-अपनी  ढपली, अपना अपना राग जारी है, स्टाईल न्यारी है, किसकी अदा जनता को प्यारी है, भा रही है, देखते रहिए, देखते रहिए कौन किस पर भारी है...चुनावी चकल्लस जारी है...

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