आज कुछ उदास हूँ...

आज कुछ उदास हूँ...
नहीं कोई संताप है,
फिर भी न जाने क्यों उदास हूँ
लोग मेरे आसपास है,
फिर भी नहीं कोई दिल के पास है
आज मैं कुछ उदास हूँ।

Comments

Popular posts from this blog

अब नहीं होती बाल सभाएं, केवल एक दिन चाचा नेहरू आते हैं याद

निरंतर लिखो, आलोचकों की परवाह मत करो -बैरागी

व्यंग्य: छुटभैये नेताजी और नाम